Home उत्तराखंड केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा – 8 लोगों की मौत

केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा – 8 लोगों की मौत

638
0
SHARE
-बाइक सवार युवकों पर गिरा मलबा, बोल्डर की चपेट में आई कार
-दो बाइकों में तीन व कार में सवार थे पांच लोग
-सीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रु की सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए जाने के दिए निर्देश

रुद्रप्रयाग/डीबीएल संवाददाता। केदारनाथ मार्ग में शनिवार देर रात फाटा के पास चंडीधार में हुए हादसे में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। बताया जा रहा है कि दो बाइकों में सवार तीन लोग भगवान केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे थे, जबकि कार में सवार पांच लोग सीतापुर से मैखण्डा की ओर आ रहे थे। अचानक से ऊपरी पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण कार और बाइक सवार अनियंत्रित खो बैठे और कार गहरी खाई में जा गिरी, जबकि बाइक सवार मलबे में दब गये। स्वास्थ्य केन्द्र फाटा पहुंचने पर चिकित्सकों ने बाइक सवार तीन युवकों को मृत घोषित किया। देर रात अंधेरा होने के कारण कार सवार लोगों की ढूंढखोज नहीं हो सकी। रविवार सुबह लापता लोगों की ढूंढखोज कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सात घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मृतकांे के शवों को खाई से निकाला जा सका। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भूस्खलन होने से हुई वाहन दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रूपये की सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए जाने के निर्देश दिये हैं।

शनिवार को केदारनाथ हाईवे पर चंडीधार में एक बड़ा हादसा हो गया। इस स्थान पर ऊपरी पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिर गया, जिस कारण दो बाइकें मलबे की चपेट में आ गई, जबकि भारी बोल्डर ने कार को गहरी खाई में धकेल दिया। घटना के बाद राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। दो बाइकों में सवार तीन युवकों को स्वास्थ्य केन्द्र फाटा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने युवकों को मृत घोषित किया। देर रात अंधेरा होने के कारण खाई में गिरी कार का कोई अता-पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम देर रात तक सर्च अभियान चलाती रही, मगर कुछ भी हासिल नहीं हो पाया। रविवार सुबह छः बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा की टीम रस्स्सी के सहारे खाई में गई और कार में सवार पांच मृत लोगों के शवों को राजमार्ग पर लाने को कार्य शुरू किया गया। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को राजमार्ग पर लाया गया।

वहीं जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यदि कार्य के दौरान मलबा गिरा है तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने उप जिलाधिकारी को मजिस्ट्रीय जांच के आदेश दिये हैं। दुर्घटना के मृतकों में सुरजीत सिंह पुत्र ललित शर्मा उम्र 26 वर्ष निवासी मोहल्ला चन्द्रेश्वर नगर थाना ऋषिकेश जनपद देहरादून, रवि पुत्र सुखपाल सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी शीशमझाड़ी थाना ऋषिकेश, हरशीद पुत्र हसन मोहम्मद निवासी ग्रामध्पोस्ट- बराकलान, जिला इटावा, वीरुलाल पुत्र मदन लाल उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम मैखण्डा तल्ला थाना गुप्तकाशी जिला रुद्रप्रयाग, जयपाल पुत्र रिसाल सिंह निवासी रेहमान थाना सितावली जिला सोनीपत हरियाणा, मोहित त्यागी पुत्र बलिस्टर त्यागी निवासी हृदयपुर मंडोला जिला गाजियाबाद, विशाल त्यागी पुत्र संजय निवासी हृदयपुर मंडोला जिला गाजियाबाद व उमा जोशी पत्नी स्वर्गीय एलपी जोशी निवासी जवाहरनगर अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भूस्खलन होने से हुई वाहन दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रूपये की सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के भी निर्देश दिये हैं।

LEAVE A REPLY