Home उत्तराखंड अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव – कोरोना से बचाव के गुर सिखाये

अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव – कोरोना से बचाव के गुर सिखाये

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डीबीएल संवादसूत्र/देहरादून/ऋषिकेश

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद व मुनिकी रेती गढ़वाल मण्डल विकास निगम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन गंगा रिसाॅर्ट में योगाचार्यों ने योग साधकों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया और स्वस्थ्य जीवन के लिए योग के महत्व के गुर सिखाये।

नाड़ी विज्ञान व योग चिकित्सा के मर्मज्ञ संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ लक्ष्मी नारायण जोशी ने सुबह के सत्र में पंचकर्मा हाल में योग चिकित्सा के बारे में बताते हुए कहा कि आसन करते हुए यदि चिकित्सीय लाभ लेने हैं तो साधक को आसन का सही तरीका, समय सीमा और आसन के बाद किये जाने वाले पूरक आसन की जानकारी होनी चाहिए। डाॅ जोशी ने कहा कि आसन में उपयोग में आने वाली नाड़ी पर सही दबाव यदि डाला जाय तो तभी चिकित्सीय लाभ मिलते हैं जिसका लाभ मधुमेह रोगी को मिलेगा इसी प्रकार कब्ज को दूर करने के लिए ताड़ आसन, त्रियक ताड आसन और कटी चक्र आसन का अभ्यास बहुत ही लाभकारी होता है।

योग महोत्सव में योगी गुलशन कुमार ने कोरोना से बचाव के लिए योग की अनेकों विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि योग से व्यक्ति के शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली मजबूत होती है और कोरोना काल में जो लोग तनाव ग्रस्त थे उन्हें मेडिटेशन से काफी राहत मिली है।

ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की बीके शिवानी ने योग साधकों को आॅनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है योग जीवन जीने का तरीका है जो इस सृष्टि की हर समस्या को हल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा शरीर निरोगी है, स्वस्थ्य है तो हम स्वस्थ ही रहेंगें और शरीर की जो भी बीमारियां हैं वो भी दूर हो जायेंगी।

इस मौके पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम की ओर से गढ़वाली व्यंजनों का स्टाॅल लगाया गया जिसमें बुराँश चाट, कुलथ अनार सोरबा, गहत चाट, कडाली सोरबा, राजमा गलावटी कबाब, मडुवा समोसा चाॅट, बुराँस पकोड़े, बुराँस जैली, ब्राॅउन राईस पुडिंग, देहरादूनी पुडिंग आदि परोसे गये।

योग महोत्सव में गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक, डाॅ0 आशीष चैहान, महाप्रबन्धक, जितेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक, अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक, अभिषेक आनन्द एवं सहायक प्रधान प्रबन्धक, केएन नौटियाल आदि मौजूद रहे।

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