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(विशेष स्टोरी): भारत बढ़ती तो चीन घटती जनसंख्या से परेशान – शी जिनपिंग बोले, ‘अब तीन बच्चे पैदा करो’

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शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

आइए आज देश की राजनीति से निकलकर पड़ोसी देश चीन के महत्वपूर्ण आंतरिक मामलों को भी जान लिया जाए। ‘चीन सरकार ने सोमवार को दो बच्चों की नीति को बदलते हुए दंपति को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दे दी है’। इस चर्चा को आगे बढ़ाने से पहले चीन के बारे में कुछ और भी जान लिया जाए । ड्रैगन की ‘विस्तार वादी नीतियों’ की वजह से आज उसकी कई देशों के साथ ‘खटपट’ चली आ रही है । जहां कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका अब चीन पर सीधे आरोप लगा रहा है । अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी चीन के ‘वुहान लैब’ को लेकर आक्रामक रवैया अपनाया हुआ है, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि वुहान लैब से ही यह वायरस दुनिया भर के देशों में फैला है’ । पिछले कुछ महीनों से यह मामला ठंडा पड़ गया था लेकिन अब एक बार फिर से अमेरिका के साथ कुछ और देश चीन पर ही इस वायरस को फैलाने का आरोप लगा रहे हैं ।

अगर भारत और चीन संबंधों की बात करें तो हमेशा ‘तनावपूर्ण’ रहे। इसका कारण है जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम कई स्थानों को चीन अपना बताता रहा है। इसी को लेकर भारत और चीनी सैनिकों के साथ आए दिन ‘झड़पें’ भी होने की खबरें भी आती हैं। जिससे दोनों देशों के बीच ‘टकराव’ बना रहता है। खैर, आज हम जिसके बारे में आप से बात करने जा रहे हैं वह सीधे ही ‘जनसंख्या’ से जुड़ा हुआ मुद्दा है। बात को आगे बढ़ाने से पहले बता दें कि चीन दुनिया का सबसे जनसंख्या वाला देश है उसके बाद भारत का नंबर आता है। यानी ‘आबादी के हिसाब से दोनों देशों के बीच में भी पिछले 50 वर्षों से चर्चा होती आई है, भारत के लोग अपनी आबादी की तुलना चीन से ही करते हैं’। लेकिन पिछले तीन दशकों से केंद्र सरकारें भारत की बढ़ती आबादी से परेशान है तो दूसरी ओर चीन अपनी घटती आबादी से अब विचलित होने लगा है। सही मायने में चीन अब अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है। ‘तीन बच्चे पैदा करने की छूट के इस ऐतिहासिक फैसले को चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की अध्‍यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया है’।

चीन ने वर्ष 1979 और 2016 में ‘चाइल्ड नीति’ में बदलाव किया था–

यहां हम आपको बता दें कि ‘चीन शुरू से ही अपनी जनसंख्या से परेशान रहा है। इसी को लेकर वर्ष 1979 में चीनी सरकार ने अपने देश की दंपति को एक बच्चा पैदा करने की अनुमति दी थी, यह कानून चीज में बहुत ही सख्त था जिसके वजह से वहां की आबादी नियंत्रण में होती चली गई’। उसके लगभग साढ़े तीन दशक के बाद ‘चीनी सरकार को एहसास हुआ एक बच्चे की पॉलिसी से देश की जनसंख्या कम हो जाएगी’। वर्ष 2016 में उसमें बदलाव करके दो चाइल्ड पॉलिसी किया गया था, लेकिन पॉलिसी में बदलाव के बावजूद चीन में जनसंख्या की ग्रोथ वैसी नहीं रही जैसी वहां की सरकार को उम्मीद थी, इसलिए अब नीति को बदलकर शी जिनपिंग सरकार ने देश की लगातार ‘बूढ़ी होती आबादी’ से परेशान होकर तीन बच्चे पैदा करने की दंपति को छूट दे दी गई है। ‍दरअसल चीन की आबादी 2019 की तुलना में 0.53 प्रतिशत बढ़कर 1.41178 अरब हो गई है। 2019 में आबादी 1.4 अरब थी। हालांकि इसके अगले साल की शुरुआत से घटने का अनुमान है। चीन की सरकार की तरफ से जारी की गई सातवीं राष्ट्रीय जनसंख्या जनगणना के अनुसार, चीन के सभी 31 प्रांत, स्वायत्त क्षेत्र और नगरपालिका की आबादी 1.41178 अरब थी।

चीन के नेताओं ने जनसंख्या को बढ़ने से रोकने के लिए 1980 से जन्म संबंधी सीमाएं लागू की थीं, लेकिन अब उन्हें इस बात की चिंता है कि देश में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या तेजी से कम हो रही है और इसके कारण समृद्ध अर्थव्यवस्था बनाने के प्रयास बाधित हो रहे हैं। चीन में जन्म संबंधी सीमाओं में ढील दी गई है । बता दें कि भारत की जनसंख्या करीब एक अरब 30 करोड़ से अधिक हो गई है।

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