Home उत्तराखंड स्वच्छता सर्वे की सफलता को स्वैच्छिक संगठनों ने आयोजित की गोष्ठी

स्वच्छता सर्वे की सफलता को स्वैच्छिक संगठनों ने आयोजित की गोष्ठी

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देहरादून। स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न संगठनों ने देश भर के 74 शहरों में होने वाले स्वच्छता सर्वे में भागीदारी करने का संकल्प लिया है। हिमालयन जन कल्याण समिति और गति फाउंडेशन की ओर से स्वच्छ उत्तराखंड-स्वच्छ भारत विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में यह संकल्प लिया गया।

शुक्रवार को एक होटल में आयोजित गोष्ठी की शुरुआत करते हुए गति फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य अनूप नौटियाल ने स्वच्छ सर्वे के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने शहरों में बरसात के कारण जलभराव, कूड़े के ढेरों, कूूड़ा निस्तारण की स्थिति मेडिकल वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट और ई-वेस्ट जैसी समस्याओं के बारे में अपनी बात रखी। पिछले दो स्वच्छ सर्वेक्षणों में उत्तराखंड के प्रदर्शन पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अनूप नौटियाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वे राज्य को साफ-सुथरा बनाने में योगदान करें।

हल्द्वानी की सामाजिक कार्यकर्ता रेवती कांडपाल ने स्वच्छता के मामले में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया भावना रावत ने कहा कि वे हल्द्वानी में दो लाख घरों से कूड़ा इकट्ठा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे इस काम को व्यवसाय के साथ ही समाजसेवा के रूप में लेती हैं।

मजदूर संघ के बृजेश बड़कोटी ने गंगा नदी की स्थिति पर चिन्ता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा गंगोत्री से ही प्रदूषित होनी शुरू हो जाती है। उत्तरकाशी से गंगा प्रदूषित होना शुरू हो जाती है और ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा के हालात और भी दयनीय हो गए हैं।

पिथौरागढ़ के समाजिक कार्यकर्ता ललित पंत ने सफाई के प्रति आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। पंत ने कहा कि सफाई के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इस कार्य के लिए सभी को आगे आना होगा।

हिमालयन जन कल्याण समिति के गिरीश मल्कानी ने स्वच्छता के साथ शहरों के सौन्दर्यीकरण की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उन्होंने अपने स्तर पर यह काम शुरू किया और अब कई संस्थाएं उनका साथ दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कूड़ा एक बड़ा रोजगार भी है। इस काम को हाथ में लेकर रोजगार के साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन भी किया जा सकता है।

गोष्ठी में राजकीय शिक्षक संघ के महामंत्री रामसिंह मानिला, देहरादून नगर निगम के विकास विशेषज्ञ रमेश चैहान हिमालयन जन कल्याण समिति के अध्यक्ष साकेत अग्रवाल आदि ने भी अपने विचार रखे।

गोष्ठी में हिमालयन जनकल्याण समिति के विजय भट्ट, राकेश डोभाल अध्यक्ष हिमालयन अभ्युदय, रणवीर चैधरी अध्यक्ष हमारा उत्तर जन मंच, छात्र नेता राहुल, कपिल शर्मा, समीर मुंडेपी, हेमलता पंत, कमल देवराणी, प्रदीप कुमार, सहजाद अंसारी, अब्दुल रहमान आदि मौजूद थे।

Key Words : Uttarakhand, Dehradun, Cleanliness Survey, NGOs, Conference

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