Home शिक्षा और रोजगार रुद्रप्रयाग के डीएम बोले, शिक्षक अपना बच्चा समझकर छात्रों का भविष्य संवारे

रुद्रप्रयाग के डीएम बोले, शिक्षक अपना बच्चा समझकर छात्रों का भविष्य संवारे

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रुद्रप्रयाग। दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अध्यापक सही समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। कारण यही है कि अध्यापक शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं और देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं। शिक्षकों की ऐसी शिकायत बार-बार मिल रही है, जिस कारण छात्रों का भविष्य भी संकट में है। अध्यापक दूसरे के पाल्यों को भी अपना समझकर अध्ययन कराएं, तभी जाकर व्यवस्था में सुधार आ सकता है और क्षेत्र में ही अपने लिए निवास तलाश कर समय पर स्कूल पहुंचकर व्यवस्था संभालें। जिले के दूरस्थ क्षेत्र सौंराखाल भरदार में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यह बात कही।

मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस के मौके पर जिलाधिकारी ने ग्रामीण जनता द्वारा अध्यापकों की मिल रही शिकायत पर चिंता जाहिर की और अध्यापकों को सख्त हिदायत देते हुए समय पर विद्यालय पहुंचने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अध्यापक दूसरे के बच्चों को भी अपना समझें, तभी जाकर व्यवस्था में सुधार आ सकता है। सही समय पर स्कूल पहुंचे और बच्चों का पठन-पाठन सही तरीके से करायें। शिक्षकों के कंधों पर ही बच्चों का भविष्य निर्भर है। इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौंराखाल में अध्यापकों की कमी होने की समस्या बताई। साथ ही कहा कि सौंराखाल में शिक्षक आवास बना है, मगर शिक्षक शहरी क्षेत्रों से आ रहे हैं और विद्यालय देरी से पहुंच रहे हैं। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को शिक्षक आवास पर रहने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि जो शिक्षक शहरी क्षेत्र से आयेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी, उपजिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, सीओ श्रीधर बडोला, परियोजना निदेशक एन.एस. रावत, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला, एवं समस्त जिला सस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी के प्रयासों को सराहा :
रुद्रप्रयाग। राजकीय इंटर कॉलेज सौंराखाल में आयोजित तहसील दिवस एवं जनता दरबार में क्षेत्र की जनता उमड़ पड़ी। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा और कहा कि इससे पूर्व क्षेत्र में शिविर तो लगाये गये, मगर समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को लताड़ लगानी शुरू कर दी और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के आदेश दिये। जिलाधिकारी की बेबाक छवि और कार्यशैली जनता को भा गई और ग्रामीण जनता ने जिलाधिकारी के प्रयासों की जमकर सराहना की।

Key Words : Uttarakhand, Rudraprayag, Tahshil Divas, DM, Teachers

 

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