Home उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: उत्तराखंड का हर गांव सैन्य धाम – राजनाथ सिंह

राज्य स्थापना दिवस: उत्तराखंड का हर गांव सैन्य धाम – राजनाथ सिंह

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देहरादून/डीबीएल ब्यूरो। दून के परेड मैदान में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विविधता में एकता केवल भारत में है। हमारे देश को हमारी पुरातन संस्कृति जोड़ती है। संस्कृति में उदारता, सर्वधर्म समभाव केवल भारत में ही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, यहां हर गांव से लोग सेना में हैं। यहां चारधाम और गांव-गांव सैन्य धाम है। वहीं अब उत्तराखंड विद्याधाम बन चुका है। देशभर से बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उत्तराखंड की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह की शुरुआत हुई। इसमें पंजाब, राजस्थान, मणिपुर, ओड़िशा और बंगाल आदि राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मेरा उत्तराखंड से गहरा नाता है। राज्य गठन के दौरान मैंने कई दस्तावेजों में हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि दुनिया में देश कई हैं, लेकिन राष्ट्र केवल भारत है। यहां अलग-अलग कल्चर एक दूसरे को जोड़ते हैं। विविधता में एकता केवल भारत में है। इसे संस्कृति जोड़ती है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में राज्य वर्षगांठ पर प्रदेशवासियों शुभकामनाएं दी। साथ ही आंदोलनकारियों व शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सीएम ने कहा कि 19 साल में राज्य की कैपिटल इनकम बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा हब बनने के चलते 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। रैबार से स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कैसे सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।

राज्य स्थाना दिवस के मौके पर सीएम ने की कई घोषणाएं:

देहरादून/डीबीएल संवाददाता। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सीएम द्वारा की गयी घोषणाओं में आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए सप्ताह में चार दिन दूध, दो दिन अंडा और दो दिन केला उपलब्ध कराना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी राज्य कृषि विकास परियोजना लागू करना, वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन में दो सौ रुपये की वृद्धि, उपनल और पीआरडी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपये करना, ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाना, सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना, राज्य में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर्स की स्थापना करना, कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए सेलाकुई व रुद्रपुर में महिला हॉस्टल का निर्माण, राज्य में पशुओं का बीमा कराए जाने के लिए बीमा धनराशि की गैप फंडिंग की भरपाई राज्य सरकार की ओर से करने, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना निर्माण, राज्य में दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्वयन, प्राथमिक स्कूलों व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन फोर्टिफाइड मीठे दूध की उपलब्धता,पारंपरिक अनाजों जैस मंडुआ, झंगोरा, पाफर तथा दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को स्वीकृति आदि की घोषणाएं शामिल हैं।

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