उत्तराखंड

प्रधान संगठन ने उठाई एसआईटी जांच के आदेश निरस्त करने की मांग

देहरादून। प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन ने सरकार से पंचायतों से संबंधित समस्याओं के निराकरण एवं एसआईटी जांच पर पुनर्विचार किए जाने की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।

शनिवार को दून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्राम प्रधानों पर विभागीय मंत्री द्वारा समय-समय पर अनावश्यक जांच करवाकर पंचायत प्रतिनिधियों को परेशान किया जा रहा है। कुछ समय पूर्व मनरेगा के नाम पर जांच कराई गई। जिसमें आपसी संघर्ष में ग्राम पंचायतों में खूनी संघर्ष तक हो गया इसका उदाहरण देहरादून की खुशहालपुर ग्राम पंचायत है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री विभिन्न योजनाओं के माध्यम से और 14 वित्त की धनराशि को सीधे पंचायतों में भेज कर पंचायतों को मजबूत कर रहे है वहीं दूसरी ओर विभागीय मंत्री अनावश्यक जांच के आदेश कर रहे है जिससे पंचायतो में होने वाले विकास कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के आदेश पुनर्विचार कर निरस्त किए जाएं। मनरेगा योजना मे मजदूरी 175 से बढकर 300 रुपये की जाये। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले अन्यथा ग्राम प्रधानों को पूर्व की भांति सडक पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर संगठन से जुडे सभी प्रधान मौजूद रहे।

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