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उत्तराखंड में स्लॉटर हाऊस को मंजूरी नहीं दी जाएगी : सीएम

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में शनिवार को मोथरोवाला में राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सार्टेड सीमन) उत्पादन हेतु उत्तराखण्ड लाईव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड एवं इग्नुरान साँर्टिंग टैक्नोलाँजी एलएलपी के मध्य अनुबन्ध हस्ताक्षर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में किसी भी स्लॉटर हाऊस को मंजूरी नहीं दी जायेगी साथ ही जिनके पास पहले से ये लाइसेंस हैं वे भी निरस्त किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में स्थापित की जा रही सेक्स सार्टेड सीमन प्रयोगशाला देश की प्रथम प्रयोगशाला है। इस प्रयोगशाला की स्थापना से पशुओं के जीवन में परिवर्तन आयेगा साथ ही पशुपालकों की आय में भी सुधार होगा। पशुपालन किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व में जब राज्य में भाजपा सरकार थी, उस समय हम प्रदेश में गोवंश संरक्षण अधिनियम लाये थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है 2021 से पूर्व ऐसी व्यवस्था कर ली जाए, जिससे हमारे गोवंश सड़कों पर आवारा न घूमें बल्कि किसानों की आजीविका में भागीदार बनें। कुंभ से पूर्व गौ सदन बनाकर आवारा विचरण कर रहे गोवंशों को रहने की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी स्लॉटर हाऊस को मंजूरी नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि 2016 में मंगलौर में स्लॉटर हाउस की अनुमति दी गई थी। जिलाधिकारी हरिद्वार को इस आदेश को निरस्त करने के निर्देश दिये गये हैं। सीएम ने कहा कि राज्य में किसी को भी इस प्रकार के लाइसेंस नहीं दिये जायेंगे। जिनके पास पहले से लाईसेंस हैं, वे भी निरस्त किये जायेंगे।

इस अवसर पर पशुपालन, मत्स्य बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुन्दरम्, निदेशक पशुपालन डॉ केके जोशी आदि उपस्थित थे।

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