उत्तराखंड

पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए करें संसाधनों का इस्तेमाल : डॉ पाल

देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल ने, विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण दिवस विश्व समुदाय को पृथ्वी की रक्षा करने का संदेश देता है। लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राकृतिक संसाधनो का प्रयोग किया जाये लेकिन पर्यावरण को कोई क्षति न पहुँचे। पर्यावरण संरक्षण के प्रति सब जागरूक हों। विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक व्यक्ति को पृथ्वी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता की दृष्टि से उत्तराखण्ड अत्यन्त समृद्व प्रदेश है। प्रकृति प्रदत्त संसाधनों के कारण सुरम्य वातावरण की वजह से उत्तराखण्ड राज्य पर्यटकों के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय व आकर्षक गंतव्य स्थल है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के समृद्ध वन क्षेत्रों में अतिक्रमण न हो सके और हमारी अनमोल वन्यजीवन विरासत को भी कोई नुकसान न पहुँचे। उत्तराखण्ड की नदियां व झीलों को स्वच्छ बनाने में सभी नागरिक भागीदार बनें।
जनमानस को प्रकृति के साथ जोड़ना है इस बार की थीम :
इस वर्ष पर्यावरण दिवस की विषय वस्तु ‘जनमानस को प्रकृति के साथ जोड़ना है‘ तथा इसका नारा ‘‘मैं प्रकृति के साथ हूँ’’ को हम सबको जीवन में आत्मसात करना होगा। विकास के कार्य हों किन्तु प्रकृति को नुकसान न पहुँचे। राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति से अपने लगाव को कम न होने दें और इसके संरक्षण में हर सम्भव योगदान दें।

Key Words : Uttarakhand, Dehradun, World Environment Day, Governor massage

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