Home उत्तराखंड आपदा के समय मनोबल का कायम रहना महत्वपूर्ण : बोथ्याल

आपदा के समय मनोबल का कायम रहना महत्वपूर्ण : बोथ्याल

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देहरादून। आपदा आने पर मनोबल का बनाये रखना और आपदा से बचाव व राहत कार्यों के प्रशिक्षण में सीखे गए तरीकों का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। आपदा से पूर्व एवं आपदा आने के बाद नागरिक सुरक्षा संगठन (सिविल डिफेन्स) से जुड़े हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह लोगों का मददगार बनें, जिससे जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके। यह बात सिविल डिफेन्स के उत्तरी प्रभाग पोस्ट-1 में प्रशिक्षण के दौरान कोर के डिप्टी कंट्रोलर सीएस बोथ्याल ने कही।

किशनपुर के कैनाल रोड स्थित शिव मंदिर में सिविल डिफेन्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिवस प्रशिक्षणार्थियों को आपदा से राहत व बचाव सम्बंधी कई अहम् बिन्दुओं की जानकारी दी गई। कोर के डिप्टी कंट्रोलर सीएस बोथ्याल ने बताया कि आपदा आने पर संयम बनाये रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूकम्प आने पर सबसे पहले स्वयं को सुरक्षित बचायें ताकि अन्य लोगों का मददगार बना जा सके।

डिवीजन वार्डन उमेश्वर रावत ने सिविल डिफेन्स कोर के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षणार्थियों को आपदा एवं आपातकालीन हालातों में एकजुटता के साथ आगे आने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय विषम हालातों में सिविल डिफेन्स से प्राप्त प्रशिक्षण से जानमाल की हानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सिविल डिफेन्स का लक्ष्य हर पोस्ट में प्रशिक्षित व्यक्तियों की टीम तैयार करना है जिससे आपदा के समय सुरक्षा और बचाव कार्य किया जा सके।

पोस्ट वार्डन अरूण चटर्जी ने बताया कि उनकी पोस्ट के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में महिलायें भी बढ़चढ़कर प्रतिभाग कर रही हैं जो पूरे परिवार को जागरूक करने की दिशा में अच्छा संकेत कहा जा सकता है।

प्रशिक्षण के तीसरे दिवस प्रशिक्षणार्थियों को भूकम्प आने पर बरती जाने वाली सावधानियां, सायरन की आवाज और संदेश, स्ट्रेचर बनाना, बिल्डिंग में फंसे व्यक्तियों को बचाना, घायल को इलाज के लिए ले जाना, आग के प्रकार और बचाव आदि विषयों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान उप पोस्ट वार्डन विजय पाल बंगारी, सेक्टर वार्डन राधेश्याम शाहू, प्रमोद राणा, रेखा राजपूत, आनंद गुसाईं आदि ने व्यवस्थाओं को बनाये रखने में सराहनीय योगदान दिया।

प्रशिक्षणार्थियों में निशा राना, रजनी राणा, नीलम शाहू, रीना सिंह, मंयक शाहू, विनीता रावत, मोनिका चटर्जी, गीता राणा, सुमित्रा बंगारी, मुमताज खान, हेम, भारती पाल, अशोक कुमार थापा आदि मौजूद रहे।

Key Words : Uttrakhand, Dehradun, Civil Defence, Training, Morale, Disaster

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