Home उत्तराखंड नीति व नियमों के निर्धारण में अफसरों की अहम् भूमिका : मुख्यमंत्री

नीति व नियमों के निर्धारण में अफसरों की अहम् भूमिका : मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में सीनियर आईएएस अफसरों को किया संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में सीनियर आईएएस अफसरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। यह अफसर अकादमी में फेज-तीन मध्यावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आये हैं।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 राज्यों के 85 अधिकारियों की उपस्थिति राष्ट्र की विशालता और विविधता में एकता की परिचायक है। उन्हांेने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार धाम स्थापित कर सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया था। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता प्राप्त होने के उपरान्त देश की विभिन्न रियासतों को भारत संघ में विलय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मध्यावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम 8-10 वर्ष का अनुभव प्राप्त कर चुके अधिकारियों के लिये आयोजित किया जा रहा है। अभी तक प्रारंभिक फेज में अधिकारी उप जिलाधिकारी, सीडीओ, जिलाधिकारी के रूप में नीतियों, नियमों, निर्देशों का सिर्फ पालन कर रहे थे परन्तु अब बड़ी जिम्मेदारियों के साथ उन्हें नीतियों-नियमों के निर्धारण में भी अपनी भूमिका अदा करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को आधुनिक कम्यूनिकेशन टेक्नोलाॅजी से लगातार अपडेट रहने को कहा। उन्होने कहा कि नई पीढ़ी अधिक होशियार है, उन्हें रिस्पांस तेज चाहिये, इसलिये आई.ए.एस. अफसर भी आधुनिक तकनीकि के साथ लगतार रिस्पांसिव व अपडेटेड हों। मुख्यमंत्री ने स्वंय के कृषि मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होने अपने अधिकारियों के साथ 07 दिन क्षेत्र भ्रमण किया और मौके पर ही तीन शासनादेश जारी किये थे। जनता से वार्तालाप के दौरान व्यवहारिक समाधान प्राप्त होता है।

मंत्री-सचिव के रिश्तों पर भी बोले मुख्यमंत्री :

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस में उल्लिखित पक्तियों ‘‘सचिव, वैद, गुरू तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आसय राज, धर्म तन, तीनि कर होई बेगिहि नास‘‘ का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को राजनैतिक नेतृत्व के समक्ष अपनी राय बेबाकी से स्पष्ट वादिता के साथ रखनी चाहिए। उन्होने कहा नियम-कानूनों की जानकारी रखना तथा उनके बारे में अवगत कराना सचिव का कार्य है।

उत्तराखंड के 5 अधिकारी ले रहे प्रशिक्षण :

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 22 राज्यों के 85 अधिकारी हैं। अधिकांश अधिकारी वर्ष 2006 से 2008 बैच के हैं। उत्तराखण्ड काडर के बृजेश संत, राघव लंगर, राजेश कुमार, एस.एन.पाण्डे और विनोद रतूड़ी इस मध्यावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की सचिव राधिका झा, अकादमी की संयुक्त निदेशक आरती आहूजा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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