Home उत्तराखंड सूबे में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के निगरानी तंत्र की मजबूती पर दिया जोर

सूबे में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के निगरानी तंत्र की मजबूती पर दिया जोर

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देहरादून/डीबीएल संवाददाता। महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ जे.सी पाण्डेय की अध्यक्षता में दून के डांडा लखौण्ड स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय में पीसीपीएनडीटी राज्य सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनपद उत्तरकाशी में घटते लिंगानुपात पर प्रकाशित खबर, जनपद एवं राज्य स्तर पर सलाहकार समिति में उपस्थित होने वाले प्रतिभागियों को यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ते के खर्च, राज्य में आईवीएफ केन्द्रों के प्रकरणों पर विशेषज्ञ कमेटी के गठन और उत्तराखण्ड राज्य में अल्ट्रासाउण्ड विनिमार्ता, विके्रता आदि फर्मो को पंजीकृत किये जाने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गयी साथ ही बाल लिंगानुपात में सुधार करने हेतु किये जा सकने वाले विभिन्न प्रयासों के लिए उपस्थित सदस्यों ने सुझाव भी साझा किये।

महानिदेशक स्वास्थ्य ने कमेटी के सदस्यों को प्रदेश में स्थित सभी अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों, वहां पर कार्यरत् चिकित्सक सहित सभी प्रकार अल्ट्रासाउण्ड मशीन का अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाने और पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन को रोकने हेतु ग्राउण्ड लेबल तक निगरानी तंत्र को मजबूत करते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी जनपद क मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये जाय कि जब से अधिनियम प्रदेश में लागू हुआ है तब से सभी राज्य के सभी अल्ट्रासाउण्ड क्लीनिकों, केन्द्रांे पर स्थित सही, खराब व सील की गयी मशीनों इत्यादि का भौतिक निरीक्षण करते हुए विवरण लिया जाय। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी जनपद स्तरीय कमेटी के समन्वय से अनाधिकृत (अपंजीकृत) केन्द्रों, अपंजीकृत मशीनों और बिना योग्यताधारी चिकित्सकों द्वारा किये जा रहे अल्ट्रासाउण्ड के कार्यों पर भी कार्यवाही करते हुए उसका भी विवरण प्रस्तुत करवायें। बैठक में इस मुद्दे पर भी बातचीत हुई कि सभी प्रकार की मशीनों, खराब मशीनों की सिलिंग, डाॅक्टर्स से लेकर केन्द्र तक का अनिवार्यतः पंजीकरण हो और सबका प्राॅपर रिकार्ड हो, किसी भी संचालक द्वारा क्रय की गयी, खराब हुई बायबैक की गयी मशीनों की गयी खरीद में अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार उचित सूचना और मानक का अनुपालन का प्रावधान हो।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने निर्देश दिये कि किसी भी प्रकार की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए औचक निरीक्षण करते रहें। ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक स्टेज पर कार्यरत एएनएम व आशा इत्यादि स्वास्थ्य कार्यकर्ता के कार्यों पर निगरानी रखने की बात कही। उन्होंने केन्द्रों पर रिकार्ड का सही प्रबन्धन, मिनिम सुविधा, लैंगिक चयन निषेधाधिकार बोर्ड और टेªकिंग सिस्टम डिवाइस, इत्यादि का प्राॅपर इंतजाम करने के निर्देश दिये। राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तक सलाहकार समितियों को आपसी समन्वय और सभी सूचनाओं को तेजी से आदान-प्रदान करने की बात कही।

बैठक में राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी डाॅ अंजली नौटियाल, नोडल अधिकारी डाॅ सुमन आर्य, विधिक सलाहकार सुशील पुरोहित, स्टेट संयोजक मिलिन्द असवाल, प्रेम सिंह बनगाई, डाॅ हीरा जंगपांगी, डाॅ नीमा जोशी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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