Home उत्तराखंड यमुनाघाटी के शिक्षा प्रेरकों ने सरकार पर लगाया बेरोजगार करने का आरोप

यमुनाघाटी के शिक्षा प्रेरकों ने सरकार पर लगाया बेरोजगार करने का आरोप

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शान्ति टम्टा
बड़कोट/उत्तरकाशी। बड़कोट तहसील क्षेत्र में यमुनाघाटी के शिक्षा प्रेरकों ने प्रदेश व केंद्र सरकार पर उन्हें बेरोजगार बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केंद्र में भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि हम एक साल में 70 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार देंगे लेकिन नए रोजगार के अवसर की जगह देश के करीब छह लाख शिक्षा प्रेरकों से उनका रोजगार छीन लिया है।

मंगलवार को क्षेत्र के प्रेरकों ने प्रेरक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश इंदवान की अध्यक्षता में बस स्टैंड बड़कोट से लेकर तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। इस दौरान प्रेरकों ने अपनी मांग सम्बंधी एक ज्ञापन भी तहसीलदार को सौंपा जिसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 शिक्षा प्रेरक अपनी सेवायें दे रहे थे, लेकिन जब उनके नियमित होने का समय आया तो प्रदेश सरकार ने उनके के साथ छलावा कर उनको पद से हटा दिया गया।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रेरकों ने अपने काम के साथ पूरी ईमानदारी और मेहनत कर सात साल में प्रदेश की साक्षरता दर को 65 से 80 फीसदी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। साथ ही प्रधानमंत्री जनधन खाता खुलवाने, पोलियो, जनगणना, प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति में छात्रों को पढ़ाने आदि कार्यों में भी समय-समय पर सरहानीय योगदान दिया।

प्रेरक संघ ने ज्ञापन में सभी प्रेरकों को नियमित किए जाने की मांग के साथ सरकार को चेताया है कि यदि समय रहते उनकी मांग पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन तेज करने पर मजबूर होंगे।

ज्ञापन देने वालों में शिल्पी देवी, राकेश कुमार, हेमवंती देवी, सकलचंद, सुरेश, बालकृष्ण, चैनसिंह, सूर्यमणी, रोहित, रामचन्द्र, दीपक, किरण, यशवंत, विकेश, ममता आदि उपस्थित थे।

Key Words : Uttarakhand, Uttarkashi, Barkot, Prerak, Yamuna Ghati, Charged, Unemployed

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