Home उत्तराखंड दून की गति फाउंडेशन ने की स्वच्छता अभियान की जमीनी पड़ताल –...

दून की गति फाउंडेशन ने की स्वच्छता अभियान की जमीनी पड़ताल – साझा की रिसर्च रिपोर्ट

706
0
SHARE

देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून में सामाजिक सरोकारों से जुड़े पहलुओं पर खासकर स्वच्छता अभियान को लेकर दून की गति फाउंडेशन ने जागरूकता की मुहिम छेड़ रखी है। फाउंडेशन की ओर से हाल ही में स्वच्छता अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता और अभियान की खामियों पर एक शोध किया गया। शोध की रिपोर्ट के अनुसार इस अभियान की सफलता की दिशा में आमजन को जागरूक करने की सख्त जरूरत के साथ सरकारी तंत्र को भी अपडेट किए जाने की जरूरत बताई गई है।

गति फाउंडेशन के रिसर्च विशेषज्ञ रिषभ श्रीवास्तव ने मीडिया से साझा की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में बताया कि हाल में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर गति फाउंडेशन के विषय विशेषज्ञों की टीम ने देहरादून सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों में एक जमीनी अध्ययन किया गया। उन्होंने निराशा जताते हुए बताया कि साफ-सफाई को लेकर लोगों में अभी जागरूकता का स्तर बेहद निम्न पाया गया।

उन्होंने बताया कि केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया स्वच्छता ऐप डाउनलोड करना इस सर्वेक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 31 दिसम्बर, 2017 तक के मूल्यांकन के अनुसार उत्तराखंड के शहर ऐप डाउनलोड करने में काफी पीछे हैं।

आंकलन के अनुसार एक लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून को ऐप डाउनलोड करने के लिए 175.90 अंक पाकर 159 वीं रैंक मिली है। इस श्रेणी के अन्य शहरों में रुड़की को 98, हल्द्वानी को 197 और काशीपुर को 205 रैंक मिली है। हरिद्वार शहरवासियों ने अभी तक ऐप डाउनलोड नहीं करा है।

एक लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में मुनी की रेती को 167, चम्बा को 425, ऋषिकेश को 567, नैनीताल को 663 और मंगलौर को 772 रैंक मिली है।

उन्होंने बताया कि इस अध्ययन के बाद गति फाउंडेशन इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि संबंधित एजेंसियों को आम लोगों को जागरूक करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस ऐप की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता है। आम लोगों को स्वच्छता ऐप को डाउनलोड करने और इसके माध्यम से शिकायत भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। एजेंसी को निर्धारित समय के भीतर शिकायतों का निवारण करना चाहिए। साथ ही कार्यवाही के बारे में विभिन्न माध्यमों से लोगों को अवगत कराया जाना चाहिए।

Key Words : Uttarakhand, Dehradun, Cleanliness Drive, Gati Foundation, investigation

LEAVE A REPLY