Home सामाजिक सरोकार उत्तकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग में शराब बंदी पर फैसला 31 को

उत्तकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग में शराब बंदी पर फैसला 31 को

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देहरादून। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक अप्रैल से गढ़वाल मंडल के तीन जिलों उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में शराब नहीं मिलेगी। हालांकि आबकारी विभाग ने राजस्व में होने वाले नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील दायर की है। मामले में 31 मार्च को सुनवाई होनी है। दिसंबर 2016 में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्ग पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

गढ़वाल के तीन जिलों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगने से राज्य को करीब 33 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। ऐसे में आबकारी विभाग ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस अपील पर 31 मार्च को सुनवाई होनी है।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी विभाग को नेशनल और स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकान या होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। इस दायरे में प्रदेश की करीब 423 दुकानें आती हैं। इन्हें दूसरी जगह ले जाना भी एक बड़ी चुनौती है। शराब की दुकानों के बंद होने की तारीखें जैसे जैसे पास आ रही हैं शराब की खपत भी बढ़ गई है। शराब के शौकीन दुकानों के बंद होने से पहले अपने पास स्टॉक जमा कर लेना चाहते हैं। राज्य में नई सरकार बनने के बाद आबकारी नीति पर चर्चा नहीं हुई है। आबकारी नीति को कैबिनेट में मंजूरी दी जानी है लिहाजा, राज्य सरकार एक माह के लिए पुरानी नीति को ही एक्सटेंशन दे सकती है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि पुरानी नीति में कई संशोधन किए जाने प्रस्तावित हैं।

प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो इस पर आरएसएस का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। आरएसएस ने भी चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रही शराब की दुकानों को बंद करने का समर्थन किया है। आरएसएस ने तो इसके साथ ही इन मार्गों पर बिकने वाले मांस की दुकानों को भी बंद कराने की मांग की है। उसका कहना है कि शराब की वजह से ही कई सामाजिक बुराइयां जन्म लेती हैं। हाईवे के करीब से शराब की दुकानें हटाने को लेकर आबकारी विभाग ने राज्य के वित्त विभाग से सलाह मांगी है। विभाग का कहना है कि जो दुकानें हाईवे से हटेंगी, क्या अगले वित्तीय वर्ष में उन पर भी राजस्व लागत बढ़ाई जानी है अथवा नहीं। माना जा रहा है कि जो दुकानें शिफ्ट होंगी, यदि उन पर राजस्व बढ़ाया जाएगा तो उनकी नीलामी में मुश्किल आ सकती है।

Key Words : Uttarakhand, Decision,  liquor ban,  Utttakashi, Chamoli, Rudraprayag

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