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राजकीय शिक्षक संघ का अधिवेशन – बच्चों की शिक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शिक्षकों से शिक्षा के विकास व उन्नयन पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की शिक्षा का अहित न हो शिक्षकों को इसका भी ध्यान रखना चाहिए। बच्चों की शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बुधवार को स्थानीय लक्ष्मण इण्टर कालेज में आयोजित राजकीय शिक्षक संघ के चतुर्थ द्विवार्षिक अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों व सरकारी कर्मियों में अन्तर है, शिक्षक राज्य के लिये प्राइड भी होता है। राज्य में शिक्षकों की बड़ी संख्या के दृष्टिगत उन्होंने देहरादून में संगठन के लिये संघ भवन की जरूरत बतायी, उन्होने कहा कि संगठन लोकतंत्र को मजबूत करते है, लोकतंत्र संविधान की रीढ़ है, राज्य का आधार ही शिक्षा से जुडे लोग है, यह राज्य के सम्मान से जुड़ा विषय भी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जब स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक रहेगी तभी स्कूल बंद होने से बचे रहेंगे तथा शिक्षकों को भी लाभ मिल सकेगा। उन्होंने चिन्ता जताते हुण् कहा कि आज 60 फीसदी बच्चे निजि स्कूलों में पढ़ रहे हैं, केवल 40 फीसदी बच्चे ही सरकारी स्कूलों में रह गये हैं। जबकि सरकारी स्कूलों के अध्यापक सबसे योग्य है तथा वेतन भी अधिक पाते है। ए ग्रेड में सरकारी अध्यापक ही आता है। हमारे बच्चे भी सरकारी अध्यापक तभी बन पायेंगे जब हम उनके लिये अवसर छोड़ेंगे, इसके लिये स्कूलों को बंद होने से बचाना होगा, उनकी गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर ध्यान देना होगा। शिक्षक संघ के अधिवेशन में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को विशेष आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति भी उन्होंने प्रदान की तथा कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में स्थानान्तरण अधिनियम लाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राजकीय शिक्षक संघ की स्मारिका ‘‘शिक्षा दर्पण‘‘ का विमोचन तथा वेबसाइट का लोकार्पण किया। कार्यक्रम संगठन के प्रान्तीय महामंत्री सोहन माजिला ने संगठन में कार्यकलापों की जानकारी दी।

इस अवसर पर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, कुलपति एसजीआरआर विश्वविद्यालय डाॅ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी, राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चैहान, संरक्षक अरविंद चैधरी, भाजपा के प्रदेश सचिव सुनिल उनियाल गामा, पार्षद अशोक भट्ट एवं प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक उपस्थित थे।

Key Words : Uttarakhand, dehradun, CM, Convention of State Teachers Association, Education of children

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