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स्वच्छता की पहल : सचिवालय परिसर प्लास्टिक की बोतलों के कचरे से होगा मुक्त

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय परिसर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बायो-क्रश रिवर्स वेन्डिंग मशीन का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वजल परियोजना एवं इलाहाबाद बैंक के सहयोग से स्थापित इस बायो-क्रश रिवर्स वेन्डिंग मशीन का उद्देश्य सचिवालय परिसर में प्लास्टिक बोतलों के उपयोग के पश्चात् उनका निस्तारण एवं रिसाइक्लिंग किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में लगाई गई रिवर्स वेन्डिंग मशीन के प्रयोग से लोगों के व्यवहार परिवर्तन के साथ ही इसका प्रभाव स्वच्छता के लिए बड़े स्तर पर पड़ेगा। उपयोग की गई प्लास्टिक बोतलों का उचित निस्तारण भी किया जा सकेगा। उन्हांने कहा कि इस पहल से सचिवालय परिसर को स्वच्छ रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की बोतलों को लोग उपयोग करने के बाद खुले स्थान पर फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैलने व नालियों के चोक होने की संभावना बनी रहती है और पानी का निकास नहीं हो पाता है। प्लास्टिक की बोतलों को जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। मशीन द्वारा प्लास्टिक की बोतलों के निस्तारण होने से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ पर्यावरण साफ सुथरा रहेगा।

स्वजल परियोजना के निदेशक डॉ. राघव लंगर ने जानकारी दी कि इस आरवीएम से प्लास्टिक की बोतलों को क्रश कर प्लास्टिक फ्लैक्स के रूप में परिवर्तित किया जाता है। प्लास्टिक की बोतल को मशीन के अन्दर डालने पर सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा स्क्रीन पर अपना मोबाईल नम्बर डालने के पश्चात् धन्यवाद संदेश आयेगा। उन्होंने बताया कि इस रिवर्स वेन्डिंग मशीन में एक डिजिटन स्क्रीन लगी है। जिसको पेन ड्राइव के माध्यम से चलाया जायेगा। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आडियो-वीडियो के माध्यम से प्रसारित की जायेगी।

इस मौके पर विधायक गणेश जोशी, सचिव हरबंस सिंह चुघ, अपर सचिव विनोद रतूड़ी भी उपस्थित थे।

Key Words : Uttarakhand, Dehradun, Cleanliness Initiative, Secretariat, Plastic waste bottles

 

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