Home पर्यटन काॅर्बेट टाइगर रिजर्व कोटद्वार क्षेत्र में सफारी वाहनों का संचालन शीघ्र

काॅर्बेट टाइगर रिजर्व कोटद्वार क्षेत्र में सफारी वाहनों का संचालन शीघ्र

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देहरादून। सूबे के वनमंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा है कि काॅर्बेट टाइगर रिजर्व कोटद्वार क्षेत्र के अन्तर्गत सफारी वाहनों का संचालन किया जाएगा। कोटद्वार से कार्बेट टाइगर रिजर्व के सोना नदी वन्य जीव विहार व बफर क्षेत्र के अन्तर्गत सफारी वाहनों को शीघ्र ही हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जायेगा।

विधानसभा में आयोजित पत्रकार वार्ता में वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन के विकास के लिए इको टूरिज्म की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लगभग 70 फीसदी भूभाग वनों में घिरा होने के कारण पर्यटन के लिए अच्छा स्थान है। वन विश्राम भवनों की एक विशिष्ठ पहचान होने के कारण राज्य ईको टूरिज्म विकास निगम ने प्रथम चरण में सर्किट विकास के सिद्धांत पर आधारित पांच सर्किट के विकास की योजना बनाई है। इन पांच सर्किटों में लगभग 35 वन विश्राम भवन चिन्ह्ति किए गए हैं, जिन्हें गन्तव्य स्थलों के रूप में विकसित कर इनको एक सुविकसित पर्यटन पैकेज के साथ जोड़ा जाएगा। इन स्थलों के निकट स्थित गांवों का विकास और वहां रहने वाले लोगों की आय में वृद्धि के लिए इन सर्किट के विकास में अन्तर्निहित है। इन प्राचीन और प्राकृतिक रूप से अतिसुंदर वन विश्राम भवनों का सर्किट आधारित विकास कर इन्हें विशेष रोमांचक पर्यटन के रूप में खोला जाएगा जो प्रदेश की आजीविका विकास में महत्वपूर्ण भूमिा निभाते हुए प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में कारगर साबित हांेगे। वनमंत्री डाॅ. रावत ने ये यह भी कहा कि ंईको टूरिज्म विकास निगम के माध्यम से प्रकृति आधारित पर्यटन को लोकप्रिय बनाने की दिशा में यह आदर्श पहल होगी।

काॅर्बेट में 11 महीनों में 13 बाघ मरे :

कोटद्वार। अपनी जैव विविधता के लिए विश्वविख्यात कॉर्बेट नेशनल पार्क में बाघ सुरक्षित नहीं रह गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार पिछले 11 महीनों में यहां 13 बाघ अपनी जान गंवा चुके हैं। कॉर्बेट लैण्डस्केप में मिले बाघों के इन शवों में से आधा दर्जन बाघ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के हैं। टाइगर रिजर्व प्रशासन की मानें तो यहां बाघों की स्वाभाविक मौत हुई है। इनमें संदेहास्पद कुछ भी नहीं है। हालांकि, बाघों के गढ में इतने बाघों की मौत से कॉर्बेट की इमेज पर जरूर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर धब्बा भी लग रहा है।

Key Words : Uttarakhand, Dehradun, Forest Minister, Carbet Tiger Park, Safari Vehicles, Kotdwara Area

 

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